Mahant Raju Das
लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने मौलाना महमूद मदनी के बयान को उनकी दूषित मानसिकता की उपज करार दिया। महंत ने कहा कि मौलाना चाहते हैं कि हिंदुस्तान में रहने वाले सभी नागरिक इस्लाम अपना लें। हम लोग सहिष्णुता के पुजारी हैं, इसलिए हमारे यहां मदनी जैसे लोग भी अपनी बात रख पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी को यह समझना होगा कि भारत में सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि हिंदू, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी रहते हैं। जिस तरह से वे हमारे देश में रहने वाले हर व्यक्ति को इस्लामिक भावना से ओतप्रोत करना चाहते हैं, उसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
इस्लामिक विचारधारा ने सिर्फ समाज को दिग्भ्रमित करने का ही काम किया
राजू दास ने मदनी की तरफ से 'हलाला' का जिक्र किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मौलाना का बयान मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। 'हलाला' को मौजूदा व्यवस्था में ये लोग लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि इस तरह की इस्लामिक विचारधारा ने सिर्फ समाज को दिग्भ्रमित करने का ही काम किया है। ये लोग सिर्फ भोलेभाले लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इन लोगों की कोशिश किसी भी सूरत में सफल होने वाली नहीं है।
क्यों सभी मुस्लिम देशों में अन्य धर्मों के लोगों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है?
उन्होंने मौलाना महमूद मदनी के संबोधन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वे बातें तो बड़ी-बड़ी कर रहे हैं, लेकिन जरा मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि आखिर क्यों सभी मुस्लिम देशों में अन्य धर्मों के लोगों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है? आखिर क्यों उनका अस्तित्व खतरे में आ रहा है? आखिर क्यों सभी मुस्लिम देशों में रहने वाले अन्य धर्म और पंथ के लोगों की संस्कृति खतरे में आ रही है? आखिर क्यों मुस्लिम समुदाय के लोग सिर्फ भारत में ही सुरक्षित हैं? इसके बारे में मौलाना महमूद मदनी को बताना चाहिए। उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना होगा।
महंत राजू दास ने कहा कि आखिर क्यों हमारे जैसे लोग हिंदुस्तान में ही पैदा हो रहे हैं? आखिर क्यों नहीं हमारे जैसे लोग मुस्लिम देश में पैदा होते हैं? इस सवाल का जवाब मौलाना महमूद मदनी के पास नहीं है।
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