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Enforcement Directorate
नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्कः इंडियन रेवेन्यु सर्विस (IRS) के फायर ब्रांड अफसर कपिल राज ने नौकरी को अलविदा कह दिया है। 45 साल के तेज तर्रार अफसर के पास अभी 15 साल थे। लेकिन उससे पहले ही उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। कपिल उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आते हैं। वो 2009 कैडर के IRS अफसर हैं। अभी वो जीएसटी में तैनात थे।
राष्ट्रपति ने मंजूर किया कपिल का इस्तीफा
एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय की तरफ से जो आदेश जारी किया गया उसमें लिखा है कि राष्ट्रपति ने कपिल राज की दरख्वास्त को मंजूर कर लिया है। उनका इस्तीफा मंजूर किया जाता है। ये 17 जुलाई से प्रभावी होगा। हालांकि अपने त्यागपत्र में कपिल राज ने किसी कारण का जिक्र नहीं किया था। उनका कहना था कि निजी कारणों से वो नौकरी छोड़ना चाहते हैं।
कपिल राज को मनी लांड्रिंग एक्ट में दो मुख्यमंत्रियों को अरेस्ट करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक ईडी में सेवा दीं। इस्तीफा देने से पहले वे दिल्ली की जीएसटी इंटेलिजेंस विंग में अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर तैनात थे। कपिल राज इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भी हैं। रेवेन्यु सर्विस में आने से पहले उन्होंने बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) की डिग्री हासिल की थी।
जब सोरेन के साथ गए गवर्नर के पास
कपिल राज का नाम तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने बीते साल जनवरी में झारखंड के चीफ मिनिस्टर हेमंत सोरेन को अरेस्ट किया। इसकी कहानी भी मजेदार है। सोरेन को जैसे ही पता चला कि ईडी उनको अरेस्ट करने का मन बना चुकी है तो उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। कपिल उनको अरेस्ट करने पहुंचे तो सोरेन ने कहा कि वो इस्तीफा देने गवर्नर हाउस जा रहे हैं। उसके बाद वो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं। लेकिन कपिल ने जोर दिया कि वो उनको अकेला नहीं छोड़ेंगे। सोरेन की गवर्नर से मीटिंग के दौरान कपिल राज वहीं मौजूद थे और दोनों की बात सुन रहे थे।
मार्च में जा धमके अरविंद केजरीवाल के घर
सोरेन को जनवरी में अरेस्ट करने के बाद कपिल राज ने केजरीवाल को भी गिरफ्तार किया था। बीते साल मार्च में कपिल केजरीवाल के सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां की तलाशी ली। कपिल राज ने ही अरेस्ट मेमो तैयार करके केजरीवाल को दिया था। वो 21 मार्च को गिरफ्तार किए गए थे। कहते हैं कि सोरेन और केजरीवाल के लिए कपिल राज बुरे सपने की तरह से थे। अरेस्ट से पहले उन्होंने कई बार दोनों के सरकारी निवास को खंगाला था।
इनके अलावा उन्होंने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़े मामलों की भी जांच की थी। हालांकि वो इन दोनों को विदेश भागने से नहीं रोक पाए। DHFL और इकबाल मिर्ची के केस को भी उन्होंने ही खंगाला था। कहते हैं कि कपिल एक बार जिस शख्स के पीछे लग जाते थे उसे फिर कानून के शिकंजे में लेने तक लगातार उस केस के साथ माथापच्ची करते रहते थे।
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