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अब एक महीने की है नौकरी तो भी मिलेगा EPS का लाभ!

ईपीएफओ ने कर्मचारियों की पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 6 महीने से कम समय तक नौकरी करने वाले भी EPS का लाभ पा सकेंगे। यह नियम लाखों कर्मचारियों, खासकर युवाओं और शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स पर काम करने वालों के लिए बड़ी राहत है।

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Ajit Kumar Pandey
अब 6 महीने से कम की है नौकरी तो भी मिलेगा EPS का लाभ! | यंग भारत न्यूज

अब एक महीने की है नौकरी तो भी मिलेगा EPS का लाभ! | यंग भारत न्यूज Photograph: (Google)

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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों की पेंशन योजना में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब 6 महीने से कम समय तक नौकरी करने वाले भी पेंशन लाभ के हकदार होंगे। इस नए नियम से उन लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें कम अवधि की नौकरी के कारण अपनी पेंशन का पैसा खोना पड़ता था। ईपीएफओ ने कर्मचारी पेंशन योजना के नियमों में एक बड़ा संशोधन किया है, जिसका सीधा फायदा उन लाखों कर्मचारियों को मिलेगा जो 6 महीने से कम समय में नौकरी छोड़ देते हैं। 

पहले, 6 महीने से कम की सर्विस को 'शून्य वर्ष' माना जाता था, जिससे कर्मचारी पेंशन पाने के अधिकार से वंचित हो जाते थे। लेकिन अब अप्रैल-मई 2024 में जारी नए सर्कुलर के अनुसार, अगर आपने एक महीने भी नौकरी की है और ईपीएस में योगदान दिया है, तो आप भी पेंशन के हकदार होंगे। यह बदलाव उन युवाओं के लिए गेम चेंजर साबित होगा, जो अक्सर शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं।

क्यों था यह बदलाव ज़रूरी?

यह बदलाव खासकर बीपीओ, लॉजिस्टिक्स और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफिंग जैसे सेक्टर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहाँ कर्मचारी जल्दी-जल्दी नौकरी बदलते हैं। पहले, अगर कोई कर्मचारी 5 महीने तक काम करके भी नौकरी छोड़ देता था, तो उसे पेंशन का योगदान नहीं मिलता था, जबकि पीएफ का पैसा उसे मिल जाता था। इस वजह से कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अपनी मेहनत का पैसा खो बैठता था। 

ईपीएफओ के इस फैसले ने इस विसंगति को दूर कर दिया है। अब कम समय के लिए काम करने वाले कर्मचारी भी अपने पेंशन के योगदान को सुरक्षित रख सकेंगे। यह नियम उन सभी के लिए एक बड़ी राहत है, जिन्होंने किसी वजह से एक या दो महीने में ही नौकरी छोड़ दी थी।

किन कर्मचारियों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

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शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कर्मचारी: जो लोग अक्सर 3-4 महीने के प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं, उन्हें अब अपनी पेंशन खोने का डर नहीं रहेगा। 

युवा कर्मचारी और फ्रेशर्स: जो अपनी पहली नौकरी में ही जल्दी बदलाव करते हैं, उनके भविष्य के हित अब सुरक्षित रहेंगे। 

बीपीओ और लॉजिस्टिक्स कर्मचारी: इन सेक्टर्स में अक्सर कर्मचारी जल्दी नौकरी बदलते हैं, यह नियम उनके लिए वरदान साबित होगा।

क्या करें अगर आपका पैसा फंसा है?

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अगर आप भी ऐसे कर्मचारी रहे हैं जिन्होंने 6 महीने से कम समय में नौकरी छोड़ी है और आपको लगता है कि आपका ईपीएस योगदान नहीं मिला है, तो 

तुरंत अपनी पीएफ पासबुक की जांच करें। अपनी पीएफ पासबुक में ईपीएस योगदान की जांच करें। 

अगर आपको पेंशन का हिस्सा नहीं मिला है, तो ईपीएफओ को शिकायत दर्ज करें। शिकायत में अप्रैल-मई 2024 के सर्कुलर का उल्लेख करें।

आवेदन करते समय अपनी पासबुक का स्क्रीनशॉट या पीडीएफ ज़रूर सेव कर लें।

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पहले, कम समय की सेवा वाले कर्मचारियों को ईपीएस फंड निकालने की अनुमति नहीं दी जाती थी, जिससे उनका पैसा फँस जाता था। लेकिन अब ईपीएफओ के इस ऐतिहासिक बदलाव ने उन सभी कर्मचारियों को भी अपना हक दे दिया है। यह एक ऐसा कदम है जो लाखों लोगों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा।

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