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Rafale से कई मामलों में एडवांस है अमेरिकी फाइटर जेट एफ-16, फिर क्यों हो जाते हैं क्रैश ?

पोलैंड के रेडोम शहर में एयर शो रिहर्सल के दौरान एक एफ-16 फाइटर जेट क्रैश हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई। यह घटना सवाल खड़े करती है कि रफाल से कई मामलों में एडवांस और तेज़ एफ-16 जेट अक्सर दुर्घटनाग्रस्त क्यों होते हैं।

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Ranjana Sharma
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नई दिल्ली, आईएएनएस : पोलैंड के रेडोम शहर में गुरुवार को एअर शो के रिहर्सल के दौरान एक एफ-16 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट की जान चली गई। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने हादसे की पुष्टि की। एफ-16 लड़ाकू विमान 30-31 अगस्त तक होने वाले रेडोम एयर शो में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने वाला था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंगल-इंजन जेट ने रेडोम एयरपोर्ट से स्थानीय समयानुसार लगभग 19:30 बजे उड़ान भरी थी। फाइटर जेट आसमान में कलाबाजी कर रहा था और अचानक जमीन से टकराने के बाद उसमें आग लग गई और रनवे पर ही फिसलता चला।

पहले भी कई बार कैश हुआ है  फाइटर जेट

यह पहली बार नहीं है कि अत्याधुनिक फाइटर जेट एफ-16 क्रैश हुआ हो। इससे पहले भी अलग-अलग वजहों से इसे बनाने वाले अमेरिका के अलावा स्पेन, दक्षिण कोरिया, यूक्रेन, नीदरलैंड, बेल्जियम, मोरक्को, यमन, जॉर्डन, सीरिया समेत कई देशों में फाइटर जेट एफ-16 के हादसे हो चुके हैं। इन घटनाओं में कई पायलट मारे गए। 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक की थी। जब पाकिस्तान ने इस हमले का जवाब देने की कोशिश की तो फाइटर जेट मिग-21 बाइसन उड़ा रहे पायलट अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान का पीछा किया था। उस समय भारत ने एफ-16 को मार गिराने का दावा किया था।

स्पीड बाकी लड़ाकू विमानों से कहीं ज्यादा

1970 के दशक अमेरिकी वायुसेना ने लाइटवेट फाइटर प्रोग्राम के तहत इसका निर्माण शुरू किया था। हल्के और सस्ते होने के अलावा एफ-16 फाइटर की फेरी रेंज और स्पीड बाकी लड़ाकू विमानों से कहीं ज्यादा होती है। फिर ऐसे क्या कारण हैं कि पिछले पांच दशक में अत्याधुनिक और भरोसेमंद माने जाने वाले एफ-16 विमान क्रैश की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अमेरिकी कंपनी जनरल डायनामिक्स ने सबसे पहले 1974 में एफ-16 लड़ाकू विमान बनाया था। 1990 के दशक में मर्जर के बाद इस कंपनी का नाम बदलकर लॉकहीड मार्टिन हो गया। 4.5++ जेनरेशन का एफ-16 सबसे उन्नत तकनीक का माना जाता है। लगभग 2,470 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड से उड़ने वाला एफ-16 फाइटर जेट विमान लंबी दूरी की मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। इसकी हथियार क्षमता 7700 किलोग्राम है, जो मिराज 2000 फाइटर जेट से ज्यादा और रफाल से कम है।

16 फाइटर जेट के क्रैश की वजह क्या है

फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट के बने रफाल की हथियार ले जाने की क्षमता करीब 9500 किलोग्राम है। रफाल विमान की फेरी रेंज 3,700 किमी है, जो कि एफ-16 से काफी कम है। एफ-16 फाइटर जेट के रखरखाव पर प्रतिघंटे करीब 25000 डॉलर, जबकि रफाल के रखरखाव पर 30 से 35 हजार डॉलर खर्च होते हैं। अगर स्पीड की बात करें तो रफाल की स्पीड करीब 2200 किलोमीटर प्रति घंटे है। पोलैंड में एफ-16 फाइटर जेट के क्रैश के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गई है हादसे में मारे गए पायलट मैसी क्राकोवियन काफी अनुभवी पायलट थे। अब उन वजहों पर भी गौर फरमा लेते हैं कि रफाल से कई मामलों में उन्नत एफ-16 फाइटर जेट के अलग-अलग देशों में क्रैश की वजह क्या है।

फाइटर जेट इंजन में खराबी के चलते क्रैश हुए

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कुछ पुराने एफ‑16 मॉडल के एफ-16 फाइटर जेट इंजन में खराबी के चलते क्रैश हुए। इसके अलावा हाइड्रोलिक सिस्टम की विफलता, नेविगेशन सिस्टम फेलियर, ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी और ईंधन प्रणाली में खराबी भी क्रैश की वजह बनी। कुछ मिशनों में पायलट ने कम ऊंचाई पर फाइटर जेट को मोड़ा, जिससे विमान जमीन से टकरा गया। युद्ध क्षेत्र में दुश्मन के मिसाइल या एंटी-एयरक्राफ्ट गन के हमले से भी एफ-16 फाइटर जेट गिर चुके हैं। जैसे सऊदी गठबंधन के दौरान यमन में दुश्मन के हमले में एफ-16 क्रैश हो गया था। इस घटना में भी पायलट मारा गया था। इसके अलावा पक्षी के टकराने और मौसम की खराबी से भी लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंच सकता है। India France Rafale Deal | Fighter Jets
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