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Crime News:अंसल ग्रुप के ठिकानों पर ED का बड़ा शिकंजा, 600 करोड़ के फंड डायवर्जन मामले में सात ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने बुधवार को एक बार फिर से अंसल प्रॉपर्टीज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (अंसल ग्रुप) के कार्यालयों पर छापेमारी की। ईडी की टीमों ने सात स्थानों पर छापा मारकर फंड डायवर्जन मामले में आवश्यक दस्तावेजों को जब्त किया।

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Shishir Patel
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फाइल फोटो

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लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता।उत्तर भारत की जानी-मानी रियल एस्टेट कंपनी अंसल प्रॉपर्टीज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (अंसल ग्रुप) पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर शिकंजा कसते हुए फंड डायवर्जन के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह करीब दस बजे ईडी की टीमों ने लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और नई दिल्ली में अंसल ग्रुप से जुड़े सात अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी यूपी रेरा की रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें अंसल ग्रुप द्वारा लगभग 600 करोड़ रुपये की अवैध फंड ट्रांसफरिंग का खुलासा हुआ था।

तीसरी बार ईडी की छापेमारी, दस्तावेजों की हुई जब्ती

यह तीसरा मौका है जब ईडी ने अंसल ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। इस बार की छापेमारी में एजेंसी ने कई अहम दस्तावेजों को जब्त किया है, जो फंड डायवर्जन के नेटवर्क और पैटर्न को समझने में मदद कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, अंसल ग्रुप पर खरीदारों से ली गई रकम को दूसरे प्रोजेक्ट्स या कंपनियों में ट्रांसफर कर गलत तरीके से उपयोग करने के आरोप हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद एजेंसियों की सक्रियता और तेज़ हुई है। उन्होंने खरीदारों को ठगने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत ईडी ने भी जांच की रफ्तार बढ़ा दी है।

यूपी रेरा की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार

यूपी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि अंसल ग्रुप ने बायर्स की ओर से जमा कराई गई भारी भरकम रकम का दुरुपयोग किया और नियमों की अनदेखी करते हुए फंड को अन्यत्र डायवर्ट किया। रेरा की रिपोर्ट में यह फंड डायवर्जन लगभग 600 करोड़ रुपये का बताया गया है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।

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लखनऊ में सौ से अधिक एफआईआर, पुलिस भी सक्रिय

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अंसल ग्रुप के खिलाफ लखनऊ में अब तक करीब 100 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन शिकायतों में फ्लैट बुक कराने के बाद कब्जा न देने, निवेश की रकम हड़पने, धोखाधड़ी करने और सरकारी भूमि की अवैध बिक्री जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लखनऊ पुलिस इस पूरे मामले में शुरू से ही सक्रिय भूमिका निभा रही है और लगातार खरीदारों से संपर्क में बनी हुई है।सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को कई ऐसे सबूत मिले हैं जो अंसल ग्रुप के शीर्ष प्रबंधन की भूमिका को संदेह के घेरे में लाते हैं। ईडी की ओर से जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद जल्द ही पूछताछ और संभवतः गिरफ्तारियों की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

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