Advertisment

Navratri के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं

नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है, जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के छठे दिन विशेष रूप से मां कात्यायनी की पूजा का महत्व बहुत अधिक होता है।

author-image
Ranjana Sharma
Katyayani
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

नई दिल्‍ली, वाईबीएन नेटवर्क।

नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है, जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के छठे दिन विशेष रूप से मां कात्यायनी की पूजा का महत्व बहुत अधिक होता है। इस दिन मां कात्यायनी की पूजा से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। मां कात्यायनी के बारे में माना जाता है कि उनका रूप अत्यधिक शक्तिशाली और कल्याणकारी है। इस दिन की पूजा से मानसिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा कैसे करें और इस दिन के खास उपाय क्या हैं, जिनसे आप इस दिन का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करके आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और मां की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

मां कात्यायनी की पूजा विधि

मां कात्यायनी की पूजा का सबसे शुभ समय आमतौर पर दिन के समय होता है, लेकिन यदि आपके पास दिन का समय नहीं है, तो आप रात को भी पूजा कर सकते हैं। पूजा से पहले स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि यह पूजा के परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। सबसे पहले अपने घर में गंगाजल का छिड़काव करें और फिर पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें। इसके बाद आप गंध, फूल, दीपक और नैवेद्य (भोग) चढ़ाकर मां कात्यायनी से अपने दुखों का निवारण करने के लिए प्रार्थना करें।

मंत्र जाप

मां कात्यायनी के लिए विशेष मंत्र 'ॐ कात्यायन्यै नमः' का जाप करें। इस मंत्र का जाप एक माला यानी 108 बार करें। यह मंत्र जाप पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ करें, क्योंकि इससे मां कात्यायनी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस मंत्र के जाप से मां कात्यायनी के आशीर्वाद से आपके जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है।

सप्ताह का व्रत और दान

यदि आप पूरे नवरात्रि का व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो कम से कम छठे दिन मां कात्यायनी का व्रत जरूर रखें। इस दिन विशेष रूप से 6 व्रत रखें और किसी गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं या वस्त्र दान करें। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और साथ ही मां कात्यायनी के आशीर्वाद से आपकी इच्छाएं पूरी होती हैं। दान करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

जप, ध्यान और यज्ञ

Advertisment

अगर समय मिल सके, तो इस दिन आप यज्ञ भी कर सकते हैं। यज्ञ से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और आपके जीवन में सकारात्मकता और शांति आती है। इसके साथ-साथ मंत्र जाप और ध्यान करना भी फायदेमंद होता है, क्योंकि ध्यान से मानसिक शांति मिलती है और आपको आत्मिक बल मिलता है।

स्नान और उपवासी रहना

नवरात्रि के छठे दिन विशेष रूप से उपवासी रहना चाहिए। उपवासी रहने से शरीर को शुद्धि मिलती है और मन भी एकाग्र रहता है। इस दिन एक समय भोजन करें और पूजा में ध्यान केंद्रित करें। साथ ही गंगा स्नान या किसी पवित्र नदी में स्नान करके पूजा करें, इसे अत्यधिक शुभ माना जाता है। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्र, भोजन या अन्य सामान का दान करें। दान से मां कात्यायनी की कृपा प्राप्त होती है और आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। दान करने से आपकी आत्मा को शांति मिलती है और आप अधिक सकारात्मक महसूस करते हैं।

मां कात्यायनी का इतिहास और महत्व

मां कात्यायनी का संबंध महर्षि कात्यायन से है। महर्षि कात्यायन बहुत ही तपस्वी और पवित्र व्यक्ति थे। एक समय उन्हें देवी दुर्गा की पूजा करने की इच्छा हुई। जिसके बाद देवी दुर्गा ने कात्यायन के रूप में अवतार लिया। यही कारण है कि उन्हें कात्यायनी के नाम से जाना जाता है। देवी का यह रूप दुर्गा के आठ रूपों में से एक माना जाता है, और यह रूप विशेष रूप से शक्तिशाली और शौर्य से युक्त होता है। मां कात्यायनी अपने भक्तों को भय, संकट और शत्रुओं से मुक्ति प्रदान करती हैं। उनके आशीर्वाद से सभी दुख समाप्त होते हैं और जीवन में समृद्धि, सुख और शांति आती है। मां कात्यायनी की पूजा से न केवल भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी मिलती है।

Advertisment
Advertisment