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Photograph: (साभार REUTERS)
इसरायल -हमास युद्ध के 15 महीने के बाद 42 दिवसीय सीजफायर को लेकर सारी प्रकियाएं लगभग पूरी हो चुकी है। रविवार यानी आज से इसे लागू किया जाना है। पूरी दुनिया की निगाहें इसरायल और हमास के बीच हुए इस करार पर हैं कि दोनों एक दूसरे के नागरिकों के रिहा करेगा। लेकिन इस करार लेकर कई पेंज फंस गए हैं। सवाल उठने लगे हैं कि यह करार चलेगा या नहीं। इसरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह कर कर पेज फंसा दिया है कि "जब तक हमें रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची नहीं मिल जाती, तब तक हम इस रूपरेखा के साथ आगे नहीं बढ़ेंगे।"
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मंडरा रहे हैं संकट के बादल
समझौते के तहत पहले चरण में 42 दिन का सीजफायर होना है। इसकी शुरुआत रविवार (19 जनवरी 2025) की सुबह से होनी है। इसकी शर्तें हैं कि हमास की ओर से 32 बंधकों की रिहा किया जाएगा जिन्हें 7 अक्तूबर 2023 के हमले के दौरान अगवा कर लिया गया था। दूसरी ओर इसरायल भी 737 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। हालांकि इस करार के सभी औपचारिकाताओं को पूरा कर लिया गया है लेकिन डील पर संकट के बादल अब भी मंडरा रहे हैं।
समझौते के विरोध में नेतन्याहू के मंत्री का इस्तीफा
इसराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने गाजा युद्धविराम समझौते के विरोध में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। वे इस सीजफायर के विरोध में थे। शुक्रवार को सुरक्षा कैबिनेट में समझौते को लेकर हो रही बैठक के दौरान भी उन्होंने इसके विरोध में वोट किया था।
नेतन्याहू क्यों कर रहे करार तोड़ने का इशारा?
युद्ध विराम समझौते के प्रभावी होने से कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफतौर कहा कि इसरायल को अभी भी उन बंधकों के नामों की सूची नहीं मिली है जिन्हें हमास रिहा करने वाला है, जिससे समझौता रुक सकता है। नेतन्याहू ने अपने ऑफिस की ओर से जारी एक बयान में कहा, "जब तक हमें रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची नहीं मिल जाती, तब तक हम इस रूपरेखा के साथ आगे नहीं बढ़ेंगे। इजरायल समझौते के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। अब गेंद हमास के पाले में है।"
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24 घंटे पहले देनी थी रिहा होने वाले बंधकों की सूची
इसरायल के एक प्रमुख अखबार के मुताबिक, इसरायल और हमास के बीच हुए समझौते में कहा गया है कि हमास को बंधकों के नाम उनकी रिहाई से कम से कम 24 घंटे पहले उपलब्ध कराने होंगे। ये वक्त स्थानीय समय के मुताबिक शाम 4 बजे होना चाहिए था, लेकिन इसरायली पीएम ने कहा है कि अब तक बंधकों की सूची नहीं दी गई है। इसरायली पीएमओ ने कहा है कि कुछ ही देर में पीएम बेंजामिन नेतन्याहू बयान जारी करने वाले हैं। नेतन्याहू ने पिछले महीने प्रोस्टेट सर्जरी के बाद कोई सार्वजनिक भाषण नहीं दिया है।
Over the past day, the IDF—led by the Manpower Directorate and the Medical Corps—completed preparations for receiving the hostages from Gaza upon their return to Israel. The IDF, in coordination with the Health Ministry, additional government ministries, and security authorities,… pic.twitter.com/prr8nibD8i
— Israel Defense Forces (@IDF) January 18, 2025
इसरायली सेना बंधकों के बंदोबस्त में जुटी
उधर, इसरायली सेना बंधकों की संभावित रिहाई को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। आईडीएफ का कहना है कि उसने सीजफायर समझौते में गाजा पट्टी से हमास की ओर से रिहा किए जाने वाले बंधकों को रिसीव करने के लिए अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सेना ने गाजा सीमा के पास तीन कैंप स्थापित किए हैं। ये कैंप रीम बेस, केरेम शालोम क्रॉसिंग और एरेज़ क्रॉसिंग पर तैयार किए गए हैं, जहां बंधक डॉक्टरों, मनोवैज्ञानिकों और मानसिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित आईडीएफ प्रतिनिधियों से मिलेंगे और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जाएगा।
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