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जमीन विवाद की फाइल फोटो।
लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। राजधानी में नगर निगम की जमीन खाली कराने की कार्रवाई विवादों में घिर गई है। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मिर्जापुर गांव निवासी किसान राममिलन ने आरोप लगाया है कि 25 अगस्त को नगर निगम की टीम कार्रवाई करने गांव पहुंची थी। इस दौरान टीम के साथ आए नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव ने उनसे विवाद किया और थप्पड़ मार दिया।
आरोप, थप्पड़ लगने से कान से बहने लगा था खून
किसान का आरोप है कि थप्पड़ लगने से उनके कान से खून बहने लगा और वे मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में पहले गोसाईगंज सीएचसी, फिर सिविल अस्पताल और वहां से पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।राममिलन की पत्नी माया देवी ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि जब उन्होंने अधिकारियों से बरसात के मौसम को देखते हुए भूसा हटाने के लिए सिर्फ एक घंटे की मोहलत मांगी तो नायब तहसीलदार भड़क गए और उनके पति के साथ मारपीट करने लगे।
परिजनों का आरोप, अभी तक उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया
तहरीर में यह भी आरोप है कि बीच-बचाव करने आई पड़ोसन प्रेमा देवी का गला लेखपाल सुभाष कौशल ने दबाया, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें आईं। परिजनों का कहना है कि अभी तक उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया है।26 अगस्त को किसान पक्ष की ओर से दर्ज एफआईआर में नायब तहसीलदार और लेखपाल पर मारपीट, जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
नगर निगम टीम की ओर से भी तहरीर दी गई
वहीं दूसरी ओर नगर निगम टीम की ओर से भी तहरीर दी गई है, जिसमें किसान परिवार पर सरकारी काम में बाधा डालने और आत्महत्या की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।ग्रामवासियों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया है, जिसमें नायब तहसीलदार द्वारा किसान को थप्पड़ मारते हुए दिखाने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।
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