/young-bharat-news/media/media_files/2025/11/30/vksssup-2025-11-30-19-04-34.jpg)
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी Photograph: (YBN)
लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। निजीकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन के साथ कर्मचारी एक दिसम्बर से शुरू हो रही बिजली बिल राहत योजना में भी सहयोग करेंगे। वे उपभोक्ताओं योजना के बारे में अवगत कराएंगे। इसके साथ ही कर्मचारी लंच समय और छुट्टी के बाद निजीकरण के विरोध में अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। खासकर आगरा और ग्रेटर नोएडा में निजीकरण के बाद उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों से उपभोक्ताओं को अवगत करायेंगे।
गलत घाटा दिखाकर निजीकरण की कोशिश
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं को अवगत कराएंगे कि पावर कारपोरेशन घाटे के गलत आंकड़े देकर पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करना चाहता है। पावर कारपोरेशन उपभोक्ताओं को दी जा रही सबसिडी की धनराशि और सरकारी विभागों पर बिजली राजस्व के बकाए को घाटे में जोड़ रहा है।
सबसिडी-बकाया चुकता हों तो निगम घाटे में नहीं
दुबे ने कहा कि सब्सिडी और राजस्व का बकाया अदा कर दिया जाए तो विद्युत वितरण निगम घाटे में नहीं रहेंगी। उन्होंने बताया कि निजीकरण के विरोध में लगातार 368वें दिन कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। साथ ही आवासीय कॉलोनी में जन संपर्क कर उपभोक्ताओं को बिजली बिल राहत योजना के बारे में अवगत कराने की योजना बनाई।
VKSSSUP | Electricity Privatisation
यह भी पढ़ें- UP : बिजली बिल राहत योजना 1 दिसंबर से होगी शुरू, बकायेदारों को मूलधन में मिलेगी 25% छूट
यह भी पढ़ें- Lucknow News : घूसकांड में 10 साल बाद बिजली कर्मचारी बर्खास्त
यह भी पढ़ें- लखनऊ के इन इलाकों में आज कटेगी बिजली, कई ट्रेनों के बदले गए प्लेटफार्म
/young-bharat-news/media/agency_attachments/2024/12/20/2024-12-20t064021612z-ybn-logo-young-bharat.jpeg)
Follow Us
/young-bharat-news/media/media_files/2025/04/11/dXXHxMv9gnrpRAb9ouRk.jpg)