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दीक्षांत को लेकर DSMNRU में हुआ फाइनल रिहर्सल, 143 मेधावियों को मिलेंगे 166 पदक

डा शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में मंगलवार को बारहवां दीक्षांत समारोह को लेकर की गयी तैयारियों के तहत शैक्षिक शोभायात्रा एवं पुरस्कार वितरण समारोह का फाइनल रिहर्सल हुआ।

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Deepak Yadav
DSMNRU

दीक्षांत को लेकर DSMNRU में हुई फाइनल रिहर्सल Photograph: (YBN)

लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। डा शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (DSMNRU) में मंगलवार को बारहवां दीक्षांत समारोह का आयोजन होगा। दीक्षांत को लेकर की गयी तैयारियों के तहत शैक्षिक शोभायात्रा एवं पुरस्कार वितरण समारोह का फाइनल रिहर्सल हुआ। जिसमें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष की भूमिका में प्रो.  शेफाली यादव,  मुख्य अतिथि  एस गोविंदराज की भूमिका में डॉ. अभिषेक पाण्डेय,  विभागीय मंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नरेंद्र कश्यप की भूमिका में डा रुपेश कुमार सिंह,  प्रमुख सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सुभाष चंद  शर्मा की भूमिका में डॉ संजीव बालियान नजर आए। 

27 दिव्यांग मेधावी भी दिए जाएंगे पदक 

इस रिहर्सल कार्यक्रम में कुलपति की भूमिका में स्वयं कुलपति आचार्य संजय सिंह एवं कुलसचिव की भूमिका में स्वयं कुलसचिव रोहित सिंह मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ कौशिकी सिंह ने किया। दीक्षांत समारोह में 143 मेधावियों को 166 पदक दिए जाएंगे। इसके अलावा 27 दिव्यांग मेधावी भी पदक पाएंगे।

 उद्यमिता की दिशा में सोचे छात्र : प्रो. मनुका खन्ना

लखनऊ विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय में सोमवार को अभिविन्यास 2025 का भव्य आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम नवप्रवेशित विद्यार्थियों के अभिविन्यास तथा अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में संकाय के विश्वकर्मा सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की। 

बीटेक नवरचना का माध्यम

कुलपति ने कहा कि बीटेक की शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि समाज की नवरचना का माध्यम है। आज आवश्यकता है कि हमारे विद्यार्थी पारंपरिक नौकरी की सोच से आगे बढ़ें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण केलिए उद्यमिता की दिशा में नए आयाम स्थापित करें। उन्होंने कहा कि उद्यमिता ही वह शक्ति है जो विद्यार्थियों को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाएगी। कुलपति ने विश्वविद्यालय को मिली 98वीं एनआईआरएफ रैंकिंग की उपलब्धि पर संकाय और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। 

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इंजीनियरिंग शिक्षा का असली उद्देश्य समाज व राष्ट्र सेवा

अभियांत्रिकी संकाय के डीन प्रो. एके सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य एक ऐसा अभियंता तैयार करना है, जो केवल तकनीक में दक्ष न हो, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी उपयोगी साबित हो। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि बीटेक की शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन न मानें, बल्कि इसे अपने सपनों और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्यों को पूरा करने का मार्ग बनाएं।

डॉ. हरविंदर विषय वस्तु विशेषज्ञ के पद पर चयनित

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के उद्यान विभाग के पूर्व छात्र डॉ. हरविंदर पाल का चयन विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यान) के पद पर कृषि विज्ञान केन्द्र, हाथरस में हुआ है। इन्होंने डॉ. रवि शंकर वर्मा के निर्देशन में ग्लेडियोलस पर शोध कार्य किया था। यह केन्द्र चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता है। डॉ. हरविंदर पाल की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विभाग के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने प्रसन्नता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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