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कार लोन फ्रॉड करने वाले गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। यूपी में फर्जी दस्तावेजाें से लोन कराकर महंगी गाड़ियां खरीदने वाले गैंग का एसटीएफ ने पर्दाफाश करते हुए सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों से महंगी गाड़ियां फाइनेंस करवा कर किस्तें जमा किए बिना उन्हें भारी मुनाफे पर बेच देता था।एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट ने मंगलवार को थाना भावनपुर क्षेत्रान्तर्गत कृष्णा पब्लिक स्कूल के पास से मुख्य आरोपी अनंगपाल नागर पुत्र महक चंद, निवासी ग्राम छुछाई, थाना किठौर, जनपद मेरठ को गिरफ्तार किया।
किराये के मकानों के पते पर विभिन्न बैंकों से गाड़ियों का लोन लेता था
जांच में सामने आया कि अभियुक्त अनंगपाल नागर अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से किराये के मकानों के पते पर विभिन्न बैंकों से गाड़ियों का लोन लेता था। फिर वह आधार कार्ड में पते में बदलाव कर उन गाड़ियों की किश्तें जमा नहीं करता और कुछ समय बाद उन्हें मुनाफे में बेच देता था।इसके अतिरिक्त अभियुक्त ने फर्जी उद्यम प्रमाण पत्र बनवाकर अपनी महिला मित्र के नाम पर ‘प्रीति डेरी’ के नाम से रजिस्ट्रेशन भी कराया, जबकि ऐसा कोई व्यवसाय अस्तित्व में नहीं था। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे सात आधार कार्ड, पाँच एटीएम कार्ड, चार पैन कार्ड, पाँच चेकबुक, एक पासबुक, एक उद्यम प्रमाण पत्र, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (रजि. नं. यूपी-15 ईयू 7979), एक स्कॉर्पियो एन (रजि. नं. यूपी-15 ईक्यू 9649) बरामद हुआ है।
पूछताछ के दौरान चौकाने वाला हुआ खुलासा
एसटीएफ ने अभियुक्त के पूछताछ की तो बताया कि फॉर्च्यूनर गाड़ी: मार्च 2025 में एसबीआई शाखा ब्रह्मपुरी, मेरठ से 40 लाख रुपये में फाइनेंस कराई गई थी। स्कार्पियो एन 2024 में इंडियन बैंक, यूनिवर्सिटी मेरठ से महिला मित्र के नाम पर 18.50 लाख में फाइनेंस कराई गई और 11 लाख में मोहित सिवाच को गिरवी रख दी गई। हाई राइडर गाड़ियाँ, महिला मित्र व अन्य साथियों के नाम पर फाइनेंस कराई गईं, जिनमें से एक गाड़ी स्पिनी कंपनी को 16 लाख में बेच दी गई। एक अन्य फॉर्च्यूनर अपनी पत्नी के नाम पर फाइनेंस कराकर बाद में 14 लाख में विक्की पंडित को बेच दी गई।
टीम एसटीएफ मेरठ की सराहनीय कार्रवाई
इस ऑपरेशन का नेतृत्व एसटीएफ निरीक्षक रविंद्र कुमार कर रहे थे, जिनके साथ उपनिरीक्षक योगेंद्र पाल सिंह, जयवीर सिंह तथा हेड कांस्टेबल्स रकम सिंह, आकाशदीप, विनय कुमार, और भूपेंद्र सिंह शामिल थे। टीम ने सतर्कता और कुशल खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस बड़े अपराधी को धर दबोचा।
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