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Crime News : बिजनौर में कुएं में दम घुटने से तीन भाइयों की मौत,रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं

बिजनौर के शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव सरकथल में रक्षाबंधन के अगले दिन दर्दनाक हादसे में दो सगे और एक चचेरे भाई की कुएं में दम घुटने से मौत हो गई। तीनों खेत में मोटर का पट्टा लगाने के लिए कुएं में उतरे थे, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए।

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Shishir Patel
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मृतक भाईयों के फाइल फोटो।

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लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता । यूपी के बिजनौर में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां के शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव सरकथल में रविवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे में दो सगे और एक चचेर भाई की मौत हो गई। तीनों भाई खेत में लगे पंप का का पट्टा डालने के लिए 15 फीट गहरे कुएं में उतरे थे, लेकिन कुएं की जहरीली गैस से दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। रक्षाबंधन के अगले ही दिन इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। बताया गया कि गांव सरकथल में रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव निवासी छत्रपाल सिंह (पुत्र धर्मवीर सिंह) मोटर का पट्टा लगाने कुएं में उतरे, लेकिन वे कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। 

स्सी से बांधकर तीनों को बाहर निकाला गया

छत्रपाल को बचाने के लिए मौके पर मौजूद उसके चचेरे भाई हिमांशु (19 वर्ष) और कशिश (21 वर्ष) पुत्रगण हरि सिंह भी एक-एक कर कुएं में उतरे, लेकिन वे दोनों भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। एक साथ तीन लोगों के कुएं में बेहोश होकर गिरने से घटना के समय वहां मौजूद चेतन नामक युवक ने शोर मचाया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सी से बांधकर तीनों को बाहर निकाला गया। परिजनों व ग्रामीण तीनों को लेकर सरकारी अस्पताल नूरपुर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ ही तीनभाइयों की मौत से गांव में कोहराम मच गया। बताया गया कि मृतकों में छत्रपाल दिल्ली में इलेक्ट्रीशियन का काम करता था और दो दिन पहले ही रक्षाबंधन पर्व पर गांव लौटा था। उसका विवाह दो वर्ष पहले हुआ था और वह दो भाई और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। Ñ

हिमांशु और कशिश अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे

हिमांशु और कशिश अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। हिमांशु पढ़ाई के बाद गांव में रहकर खेती में पिता का हाथ बंटाता था, जबकि कशिश दिल्ली में इलेक्ट्रीशियन का काम सीख रहा था और वह भी रक्षाबंधन पर गांव आया था। ग्रामीण अंकित सैनी ने बताया कि पानी निकालने का उद्देश्य मच्छरों के पनपने से रोकना था, लेकिन कुएं में बनी जहरीली गैस मौत का कारण बन गई। उन्होंने कहा कि आज मेरे चाचा और ताऊ के तीन बेटों की एक साथ मौत हो गई, यह हमारे परिवार के लिए कभी न भरने वाला घाव है। नूरपुर पुलिस ने अस्पताल से शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और रक्षाबंधन की खुशियां शोक में बदल गई।

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