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प्रतीकात्मक Photograph: (सोशल मीडिया)
लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। फर्जी डिग्री मामले में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में केशव प्रसाद मौर्य(keshav prasad maurya) की शैक्षिक योग्यता को लेकर सवाल उठाए गए थे। जस्टिस सुधांशु धुलिया और जस्टिस अरविंद कुमार ने याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उसे फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें याचिका को पहले ही खारिज कर दिया गया था।
हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी याचिका
गौरतलब है कि यह याचिका आरटीआई एक्टिविस्ट दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने लगाई थी। उनका आरोप था कि केशव प्रसाद मौर्य ने विधानसभा चुनाव में अपने नामांकन के दौरान फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया था। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई भी तथ्यात्मक आधार नहीं पाया और इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद याची ने शीर्ष अदालत(supreme court ) का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका को खारिज कर दिया। इससे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद को कानूनी व राजनीतिक दृष्टिकोण से भी राहत मिली है। गौरतलब है कि जल्द ही उनके उत्तर प्रदेश में भाजपा का अध्यक्ष पद संभालने की खबरें चल रही हैं।
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