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ग्रेटर नोएडा , वाईबीएन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ हल्ला बोला और जमकर नारेबाजी की। अपनी पांच प्रमुख सूत्रीय मांगों को लेकर 47 से अधिक गांवों के किसानों ने इसके बाद किसान प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे किसानों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जिनका कहना है जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक वे लगातार अथॉरिटी के रवैए के खिलाफ प्रदर्शन करते रहेंगे। अथॉरिटी घेराव के अल्टीमेटम के बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्रदर्शन स्थल पर भारी संख्या में पुलिस पोस्ट लगाई गई थी और बैरिकेडिंग की गई थी. लेकिन किसान संगठन नहीं माने और हाथों में झंडे लिए, नारे लगाते हजारों की संख्या में किसान और महिलाएं अथॉरिटी पर पहुंचे।
सर्किल रेट का मुआवजा 4 गुना करना
नए कानून के आधार पर किसानों के लिए योजनाओं में 20 परसेंट प्लॉट का निर्धारण करना। परिवार के बच्चों के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराना किसानों का कहना है कि हमारे हाथ हर बार आंदोलन से खाली उठते हैं, लेकिन यह आंदोलन इस बार खाली नहीं उठेगा। हम गांधी विचारधारा से आगे बढ़े हैं। अगर ये गांधी जी की विचारधारा से नहीं मानते हैं तो यहां का युवा भगत सिंह की विचारधारा को लेकर आगे बढ़ेगा। अगर हमें उग्र आंदोलन करने पड़े तो उग्र आंदोलन करने के लिए भी किसान तैयार हैं। किसान अपना हक लेकर यहां से उठेगा जब तक किसानों के हक पूरे नहीं हो जाते, करार पूरे नहीं हो जाते यह धरना समाप्त नहीं होगा।
मांगें नहीं मानी तो जारी रहेगा प्रदर्शन-किसान
प्रशासन की ओर से किसानों को धरना ना करने की बात कही गई थी, लेकिन नारेबाजी करने के बाद किसान धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्राधिकरण और उसके जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेंगे। भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी का कहना है कि हमारी अनेक मांगों में कुछ प्रमुख मांगे इस प्रकार है। हमने अपनी मांगों की लिस्ट अथॉरिटी को सौंपी है।
किसानों का दमदार प्रदर्शन
ट्रैक्टरों पर सवार होकर धरना प्रदर्शन के लिए निकले किसानों ने नोएडा प्राधिकरण, यमुना विकास प्राधिकरण, गर्ल गलगोटिया यूनिवर्सिटी कट, स्पोर्ट्स सिटी का वीआईपी गेट, सलारपुर अंडरपास और रेजिना अंडरपास के पास इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि इस बार भी आर-पार की लड़ाई करने आए हैं और उनका धरना प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक चलेगा। इसीलिए राशन और खान-पान की व्यवस्था पहले से ही कर ली गई है। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं हैं।
फैक्ट्री में रोजगार की भी मांग कर रहे हैं
भारतीय किसान यूनियन, किसान एकता महासंघ समेत अन्य किसान संगठनों ने दनकौर क्षेत्र में सलारपुर अंडरपास पर महापंचायत की। प्रदर्शन कर रहे किसान यीडा से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत मुआवजा, सात प्रतिशत आबादी भूखंड, लीजबैक, एयरपोर्ट प्रभावित किसानों को भूखंड, पुनर्वास के लाभ में वृद्धि के साथ फैक्ट्री में रोजगार की भी मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अलावा बुलंदशहर विकास प्राधिकरण, अंसल बिल्डर, हाईटेक बिल्डर, एनटीपीसी, यूपीएसआइडीसी और शिवनादर यूनिवर्सिटी,अंबुजा बिरला सीमेंट एवं डीएमआइसी, डीएफसी परियोजना, गंगाजल पाइपलाइन आदि के प्रभावित किसानों की मांगों के समाधान के साथ टोल टैक्स से मुक्ति, औद्योगिक इकाइयों में रोजगार की मांग की। इसके अलावा किसान, भूमिहीनों को 120 वर्ग मीटर के भूखंड और बाजार दर का चार गुना मुआवजा, 20 प्रतिशत आबादी भूखंड एवं रोजगार और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। Greater Noida News | greater noida industry | greater noida | Noida | Noida airport | Noida Authority