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Air Pollution: दिल्ली की हवा बेहद खराब, सांस लेना भी दुश्वार, छाई रही स्मॉग की मोटी परत

राष्ट्र राजधानी दिल्ली में हवा की दिशा बदलने और गति कम होने के चलते वायु प्रदूषण में एक बार फिर से बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार की सुबह कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। 

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Mukesh Pandit
Air Pollution In Delhi

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क राष्ट्र राजधानी दिल्ली में हवा की दिशा बदलने और गति कम होने के चलते वायु प्रदूषण में एक बार फिर से बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार की सुबह कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। अक्षरधाम, साउथ एक्सटेंशन,  इंडिया गेट इलाके सहित अन्य प्रमुख इलाकों में वायु की गुणवत्ता खराब ही बनी हुई है। CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के दावे के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में स्मॉग की परत छाई हुई है। इलाके के आस-पास AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में है। हालांकि दिल्ली सरकार ने सुधार का दावा करते हुए गुरुवार को ग्रैप तीन को समाप्त कर दिया था।

एम्स के आसपास वायु गुणवत्ता 400 के पार

समाचार एजेंसी एएनआई ने शुक्रवार की सुबह दिल्लीकी विभिन्न इलाकों के वायु प्रदूषण के वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए, जिसमें साउथ एक्सटेंशन वीडियो में देखा जा सकता है कि हवा और धुंध से दृश्यता बेहद कम है। CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के दावे के मुताबिक इलाके के आस-पास AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में है।  राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में स्मॉग की एक परत छाई हुई है। एक वीडियो AIIMS के आसपास के इलाके से है।  CPCB के दावे के मुताबिक इस इलाके में AQI 401 है, जिसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है। अक्षरधाम इलाके में स्मॉग की परत छाई हुई है। CPCB के मुताबिक इलाके के आसपास AQI 408 है, जिसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है।  राष्ट्रीय राजधानी में स्मॉग की परत छाई हुई है। वीडियो इंडिया गेट इलाके से है।  CPCB के अनुसार इलाके का AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में है। 

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वाहन से होने वाला प्रदूषण 19.538 फीसदी रहा

दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 19.538 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 0.729, निर्माण गतिविधियों से 2.874, पेरिफेरल उद्योग से 5.16 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 5.235 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा उत्तर से उत्तर पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 1000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। 

नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित

दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 381 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 381, गाजियाबाद में 358 और गुरुग्राम में 317 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 203 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 381 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 381, गाजियाबाद में 358 और गुरुग्राम में 317 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 203 दर्ज किया गया। 

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संडे तक राहत मिलने के आसार नहीं

दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 351.1 और पीएम2.5 की मात्रा 200.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और बेहद खराब दर्ज की गई। air pollution delhi | air pollution effects | air pollution in delhi | delhi air pollution | lucknow air pollution | new delhi air pollution 

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