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अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा जल्द ही एक सूर्य का अध्ययन करने के लिए एक सैटेलाइट लॉन्च करने वाला है। इस सैटेलाइट का नाम 'पंच' है। 2 मार्च को, स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पोलारिमीटर टू यूनिफाई द कोरोना एंड हेलियोस्फीयर (PUNCH) मिशन को पृथ्वी की निचली कक्षा में लॉन्च करने जा रहा है।
A double feature that's worth the wait: Two new missions—one to study more than 450 million galaxies, and another to observe the Sun's corona—are now targeted for liftoff Friday, Feb. 28. More on SPHEREx and PUNCH launch: https://t.co/H7u3XCJftFpic.twitter.com/G7ER2VHcJo
— NASA (@NASA) February 21, 2025
SPHEREx टेलीस्कोप पूरे ब्रह्मांड को स्कैन करेगा, जबकि PUNCH मिशन सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन करेगा। ये मिशन नासा के प्रक्षेपण सेवा कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य विज्ञान से जुड़े अभियानों को कम लागत में अंतरिक्ष में भेजना है।
PUNCH मिशन की खासियत
इस मिशन के तहत नासा चार सैटेलाइट लॉन्च करने वाला है। ये सैटेलाइट सूर्य की हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग करेंगे। इससे वैज्ञानिकों को सूर्य और उसके प्रभावों की जानकारी मिलेगी। इस मिशन से अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी करने में मदद मिलेगी। इससे प्रौद्योगिकी और मानव अंतरिक्ष उड़ान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
पंच मिशन ऐसे करेगा काम
नासा का ये मिशन सूर्य के प्रभाव को गहराई से अध्ययन करने के लिए भेजा रहा है। इसके तहत चारों सैटेलाइट्स मिलकर सूर्य के बाहरी वातावरण की तस्वीरें लेंगे और इसका 360 डिग्री डाटा तैयार करेंगे। इनमें से 3 सैटेलाइट वाइड-फील्ड इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करेंगे, जिससे सूर्य के बड़े क्षेत्र की विस्तृत तस्वीरें ली जा सकेंगी। चौथा सैटेलाइट नैरो-फील्ड इमेजर होगा, जो सूर्य के नजदीकी इलाकों को विस्तार से स्टडी करेगा। यह मिशन सौर तूफानों, सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) जैसी घटनाओं का गहराई से अध्ययन करेगा।
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— NASA Sun & Space (@NASASun) February 21, 2025
Soon to launch: NASA’s PUNCH mission!
On Feb. 28, the four suitcase-sized spacecraft are scheduled to lift off from Vandenberg Space Force Base in California.
In space, they’ll capture 3D images of the solar wind that escapes the Sun and fills space around us. ⬇️ pic.twitter.com/aDCWSP4iDH
स्पेशएक्श मिशन भी होगा साथ में लॉन्च
इसके साथ ही स्पेसएक्स अपने टेलीस्कोप से छह महीने में पूरे आकाश का नया नक्शा तैयार करेगा। जिससे शोधकर्ताओं को ये जानने में सहायता मिलेगी कि आकाशगंगा समय के साथ कैसे डेवलप होती हैं। इसकी 3D मैपिंग तकनीक वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेगी कि ब्रह्मांड में आकाशगंगाएं कैसे फैली हुई हैं और वे समय के साथ कैसे बदली हैं