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नइ्र दिल्ली, वाईबीएन डेस्क: बिहार में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
देश की राजनीति में गिरते स्तर दर्शाती है ऐसी भाषा
असम की राजधानी गुवाहाटी में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को अब तक 27 देशों द्वारा सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है। ऐसे वैश्विक नेता के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस की ओर से किया गया वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि देश की राजनीति में गिरते स्तर को दर्शाता है। शाह ने राहुल गांधी की यात्रा को घुसपैठिया बचाओ यात्रा बताते हुए आरोप लगाया कि इसके मंच से पीएम मोदी की स्वर्गीय माता जी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो कांग्रेस की "नकारात्मक और घृणास्पद राजनीति" का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने घृणा की राजनीति शुरू की है जो न केवल मुद्दाविहीन है, बल्कि देश के सार्वजनिक जीवन को गर्त में ले जाने वाली है।
कांग्रेस पीएम मोदी के खिलाफ कर रही अपमानजनक भाषा इस्तेमाल
गृहमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ लगातार अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, मणिशंकर अय्यर, रेणुका चौधरी और अन्य कांग्रेस नेता वर्षों से पीएम मोदी को अपशब्द कहते आ रहे हैं कभी मौत का सौदागर, कभी नीच, कभी रावण, तो कभी भस्मासुर। शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस यह भ्रम पाले बैठी है कि इस तरह की भाषा और राजनीति से उन्हें जनसमर्थन मिलेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जितनी अपशब्द आप बीजेपी को बोलोगे, कमल का फूल उतना ही बड़ा होकर खिलेगा।
यह यात्रा वास्तव में वोटबैंक की राजनीति है
केंद्रीय गृहमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस की यह यात्रा वास्तव में वोटबैंक की राजनीति है जिसका मकसद कथित घुसपैठियों को बचाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची में अवैध घुसपैठिए शामिल हो जाएं तो लोकतंत्र की पवित्रता कैसे बनी रह सकती है? अंत में अमित शाह ने राहुल गांधी से मांग की कि वह पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा, इससे ज्यादा राजनीति में गिरावट और कुछ नहीं हो सकती। अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस ने राजनीति की सारी मर्यादाएं तोड़
गृहमंत्री ने कहा कि परिश्रम करके अपने बच्चों को संस्कारित करने वाली एक मां का अपमान कर राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने राजनीति की सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं। यह केवल एक नेता की माता का नहीं, बल्कि उन सभी माताओं के त्याग और संघर्ष का अपमान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को मूल्य और संस्कार दिए हैं। कांग्रेस द्वारा किए गए इस अमर्यादित व्यवहार ने भारतीय राजनीति के नैतिक स्तर को नए सिरे से गिरा दिया है। राजनीति में इससे बड़ा पतन और क्या हो सकता है, जब निजी जीवन और परिवार को निशाना बनाया जाए? देश की जनता यह सब देख रही है और इस बार कांग्रेस को इसका जवाब जरूर देगी।