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वाईबीएन डेस्क,नई दिल्ली। महाराष्ट्र के एक सरकारी अधिकारी द्वारा हर महीने 40-50 लाख रुपए काली कमाई करने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं इससे परेशान होकर अधिकारी की पत्नी ने आत्महत्या कर ली। आरोप है कि उनकी पत्नी काली कमाई को लेकर उन्हें बार-बार टोकती थी। इसके बावजूद अधिकारी अवैध कमाई में लिप्त था। अपनी काली कमाई को व्हाइट मनी में बदलने के लिए अपने ससुर पर दबाव बनाता था, जिस कारण पति-पत्नी में विवाद होता था। काफी समझाने पर भी अधिकारी पति नहीं सुधरा तो पत्नी ने थक-हार कर अपनी जान दे दी। घटना मुंबई के समता नगर थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाले MHADA के उप निबंधक बाबूराव कटरे पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप है। समता नगर पुलिस स्टेशन ने बाबूराव शिवाजी कटरे के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई मृतका के भाई की शिकायत के आधार पर की गई है।
फ्लैट में फंदे से लटकी पत्नी
दो दिन पहले महिला ने लोखंडवाला स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स के अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली। शव कमरे में फंदे से लटका पाया गया। एफआईआर में मृतका के भाई ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बाबूराव कटरे अपने सरकारी पद पर रहते हुए हर महीने 40 से 50 लाख रुपये की ब्लैक मनी कमाता था। वह कहती थी कि घर में गलत पैसे न लाएं, क्योंकि इसका बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा। आरोप है कि बाबूराव ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए ससुर पर दबाव बनाता था। मना करने पर पत्नी के साथ मारपीट करता था।
विवाद सुलझाने के लिए होनी थी ससुर से मुलाकात
डर और दबाव में रेणु के पिता ने कई बार 15 से 20 लाख रुपये की मदद की। पुलिस की शिकायत में कहा गया है कि रेणु के परिवार और आरोपी के बीच पुणे में मुलाकात होने वाली थी, लेकिन बाबूराव ने मिलने से मना कर दिया। इस बात से रेणु बहुत आहत हुई और आत्महत्या कर ली।
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