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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। यूरेनियम संवर्धन को लेकर वैश्विक संस्था और अमेरिका समेत प्रभु राष्ट्रों के दबाव का सामना कर रहा ईरान अपने परमाणु स्थलों का निरीक्षण के लिए तैयार है। लेकिन तेहरान ने स्पष्ट लहजे में यह भी कहा है कि उसे कोई दबाव स्वीकार नहीं होगा।
ईरान के राष्ट्रपति ने कजाकिस्तानी नेता के साथ बैठक की
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को परमाणु केंद्रों के निरीक्षण के लिए तैयार होने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका देश अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के लिए तैयार है। राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान के अनुसार, पेजेशकियन ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान में कजाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मूरत नूर्टलेउ के साथ बैठक में यह टिप्पणी की। दरअसल, वह तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही परोक्ष परमाणु वार्ता पर टिप्पणी कर रहे थे।
ईरान की परमाणु गतिविधियां पूरी तरह पारदर्शी
उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियां पूरी तरह से ‘पारदर्शी’ हैं और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इसकी बार-बार पुष्टि की है। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा, ‘चूंकि हम निरीक्षण के लिए तैयार हैं, इसलिए हम राष्ट्रों को ज्ञान, प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक उपलब्धियों से वंचित करना अस्वीकार्य मानते हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि ईरान हमेशा तार्किक चर्चा सुनने के लिए तैयार है, लेकिन वह कभी भी ‘जबरदस्ती और धौंस’ को स्वीकार नहीं करेगा।
कजाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर सहमति
उधर, कजाकिस्तान के विदेश मंत्री ने शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों पर ईरान के ‘सिद्धांतवादी और तार्किक’ रुख के प्रति अपने देश का सम्मान व्यक्त किया। नूर्टलेउ ने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव का लिखित संदेश पेजेशकियन को सौंपा। नूर्टलेउ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह संदेश ‘दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा।’ बयान के अनुसार, दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर सहमत हुए।