/young-bharat-news/media/media_files/2025/06/08/J74YXn3XY8YmBbSZFPib.jpg)
नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क।1947 में धर्म के नाम पर अलग देश बने पाकिस्तान में इस्लामिक शिक्षा देने का काम कर रहे मदरसों में बच्चों के साथ जो कुछ हो रहा है वह लोमहर्षक है। मदरसों में बच्चों के यौन शोषण की एक रिपोर्ट झकझोरने वाली है। फ्रांस की सरकारी ब्रॉडकास्टर फ्रांस 24 ने अपनी रिपोर्ट में दर्जनों बच्चों के मौलवियों की बर्बरता उजागर की है।
जिनसे थी धार्मिक शिक्षा की उम्मीद, उन्होंने की दरिंदगी
फ्रांस 24 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गरीब परिवारों के बच्चों को धार्मिक शिक्षा के नाम पर इन संस्थानों में भेजा जाता है। ये बच्चे उन मदरसों में मौलवियों की बर्बरता का शिकार बनते हैं। दर्जनों बच्चों के बयानों में एक ही दर्द उभरा। उनके साथ वे लोग दरिंदगी कर रहे थे, जिनसे उन्हें धार्मिक सीख और शिक्षा की उम्मीद थी।
14 साल के बच्चे ने आपबीती सुनाई
एक 14 साल के बच्चे की गवाही ने सबको झकझोर कर रख दिया। 14 साल के बच्चे ने कहा, 'वह मुझे अपने घर ले गया, दरवाजा बंद किया, मेरा पायजामा सरकाया और फिर जो हुआ, वो मैं कभी नहीं भूल सकता।'
एक अन्य पीड़ित बच्चे ने बताया, 'मैं उसके साथ बाइक पर गया। उसने दरवाजा बंद किया और मेरे कपड़े जबरन उतारे। मैं रोता रहा, लेकिन कोई मदद को नहीं आया।'
पाकिस्तान के मदरसा कल्चर ने ही आतंकवाद को बल दिया
यह बात छिपी नहीं है कि अफगानिस्तान में रूस समर्थित कर्नल नजीब की सरकार के सत्ता संभालने के बाद हजारों अफगान भाग कर पाकिस्तान चले आए। पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांत खैबर पख्तूनख्वा समेत पूरे देश में इन शरणार्थियों के लिए चलने वाले मदरसों में जो शिक्षा दी गई उसीने कर्नल नजीब की सरकार का न केवल पतन किया, बल्कि तालिबानी राज की स्थापना की। इन्हीं मदरसों की उपज ने भारत में जो आतंकी खेल शुरू किया वह आज तक जारी है।