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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क: भारत ने पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष की अमेरिका यात्रा के दौरान कथित तौर पर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की आदत रही है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों या कूटनीतिक अवसरों पर अपनी परमाणु क्षमता का हवाला देकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करता है।
विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी टिप्पणियों में निहित गैर-जिम्मेदारी पर अपने निष्कर्ष निकाल सकता है। ये बयान उस देश में परमाणु कमान और नियंत्रण की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, जहां सेना आतंकवादी समूहों के साथ मिली हुई है।
जानबूझकर परमाणु हथियारों का जिक्र
भारत ने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी पाकिस्तान की गैर-जिम्मेदार परमाणु नीति और अस्थिर सुरक्षा ढांचे को उजागर करती है। प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व जानबूझकर परमाणु हथियारों का जिक्र करके न केवल पड़ोसी देशों को डराने की कोशिश करता है, बल्कि अपने घरेलू राजनीतिक और सैन्य वर्चस्व को भी बनाए रखना चाहता है।
पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाने की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरा बढ़ता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह पाकिस्तान की इस प्रवृत्ति को गंभीरता से ले और परमाणु हथियारों के जिम्मेदार उपयोग के अंतरराष्ट्रीय मानकों के पालन पर जोर दे।
पाकिस्तानी सेना की ध्यान भटकाने की रणनीति
विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। जानकारों का कहना है कि घरेलू दबाव से घिरी पाकिस्तानी सेना अक्सर बाहरी मुद्दों को उछालकर ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाती है, जिसमें परमाणु क्षमता का हवाला देना उसकी सबसे पुरानी चालों में से एक है।