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स्टाफ की कमी से हाई कोर्ट में नहीं पहुंची सरकारी फाइल, जमानत की सुनवाई टली

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केस रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाने को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। बताया गया स्टाफ की कमी के कारण ऐसा हुआ।

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Deepak Yadav
allahabad high court

Allahabad High Court Photograph: (google)

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  • कोर्ट ने विधि परामर्शी को 10 सितंबर को किया तलब 

लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केस रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाने को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। बताया गया स्टाफ की कमी के कारण ऐसा हुआ। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के विधि परामर्शी को 10 सितंबर को तलब किया है। यह आदेश  न्यायमूर्ति समीर जैन ने मेरठ के कपिल कुमार की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया।

जमानत याचिका फिर टली, कोर्ट नाराज

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण उन्हें केस का रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है, जिससे वह कोर्ट की सहायता करने में असमर्थ हैं। उन्होंने मामले के लिए अगली तारीख दिए जाने का अनुरोध किया। कोर्ट ने कहा कि 20 अगस्त 2025 को भी सरकारी वकील ने इसी तरह का अनुरोध किया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अब यह एक "रूटीन" हो गया है कि या तो सरकारी वकील को समय पर निर्देश नहीं मिलते या उनके कार्यालय से केस रिकॉर्ड नहीं भेजा जाता, जिसके कारण जमानत याचिकाएं बार-बार स्थगित होती रहती हैं।

10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए, कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को बुलाया। उन्होंने स्वीकार किया कि स्टाफ की कमी के कारण कभी-कभी केस रिकॉर्ड नहीं भेजे जा पाते। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे को एलआर तक पहुंचाया गया था, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हुआ है। कोर्ट ने इस स्थिति को देखते हुए, एलआर को 10 सितंबर, 2025 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कार्यालय को निर्देश दिया गया है कि इस आदेश की एक प्रति 48 घंटों के भीतर सरकारी वकील को उपलब्ध कराएं ताकि वे आवश्यक अनुपालन कर सकें। अगली सुनवाई 10 सितंबर, 2025 को दोपहर 2 बजे होगी।

High Court | Allahabad High Court | Allahabad High Court hearing 

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