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छूटे लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने को मापअप राउंड पांच तक Photograph: (google)
- प्रदेश के 27 जिलों में 80 प्रतिशत लोगों को दवा खिलाने में मिली सफलता
स्कूलों, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों और दवा से इनकार करने वाले परिवारों पर रहेगा विशेष फोकस
लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में चल रहे सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रदेश के 27 जिलों में 10 से 28 अगस्त तक चले इस अभियान के दौरान औसतन 80 प्रतिशत आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। अब छूटे हुए लोगों को दवा देने और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पांच सितंबर तक मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा।
कुछ जिलों में बाढ़ से अभियान प्रभावित
राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि इस बार भारी बारिश और कुछ जिलों में आई बाढ़ की वजह से अभियान प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर टीमें समय से नहीं पहुंच सकीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि कोई भी बच्चा या व्यक्ति छूट न पाए।
छूटे घरों तक पहुंच सुनिश्चित करें
शुक्रवार को सभी 27 जिलों के जिला मलेरिया अधिकारियों (डीएमओ) के साथ समीक्षा बैठक में डॉ. चौधरी ने निर्देश दिए कि मॉप-अप राउंड के दौरान छूटे घरों और परिवारों तक विशेष रूप से पहुंचें। जिन स्कूलों में टीमें अब तक नहीं पहुंच पाई हैं, वहां जाकर बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें। दवा खाने से इनकार करने वाले परिवारों को समझाने के लिए प्रधान व कोटेदार का सहयोग लें। जिन प्लानिंग यूनिट्स का कवरेज कम है, वहां डीएमओ फोकस करें और पांच सितंबर तक शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करें।
छूटे लोगों को जोड़ने पर बल
समीक्षा बैठक में मौजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), पीसीआई, पाथ और सीफार के प्रतिनिधियों ने भी अभियान की प्रगति पर अपने सुझाव और इनपुट साझा किए। उन्होंने जिला स्तर पर सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत बनाने तथा छूटे लोगों को जोड़ने पर बल दिया।
सामूहिक प्रसास से फाइलेरिया पर नियंत्रण
डॉ. चौधरी ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हर व्यक्ति को दवा खिलाई जाएगी। यह बीमारी केवल सामूहिक प्रयासों से ही समाप्त की जा सकती है। उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम और समुदाय से अपील की कि वे इस राउंड में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें और अभियान को सफल बनाएं। माप अप राउंड में शत प्रतिशत टीमों का सभी स्तरों से सघन पर्यवेक्षण करें।
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