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Crime News: टोयोटा फ्रेंचाइज़ी के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ पुलिस ने पटना से एक आरोपी को पकड़ा, जो टोयोटा फ्रेंचाइज़ी के नाम पर 1 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह से जुड़ा था। गैंग असली कंपनियों की नकली वेबसाइट बनाकर फ्रेंचाइज़ी शुल्क के नाम पर रकम वसूलता था।

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Shishir Patel
Toyota Dealership Scam

साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता ।  लखनऊ साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश करते हुए पटना (बिहार) से एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्रा. लि. की डीलरशिप के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर कारोबारी से 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। गिरफ्तार अभियुक्त का राहुल कुमार पुत्र सोनेलाल निवासी क्वार्टर सं0-140, ऑफ पोलो रोड, कौशल नगर, जिला-पटना, बिहार है।

इस तरह से खुला पूरा मामला 

19 जुलाई को पीड़ित रवितोष अस्थाना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने गूगल पर मिली एक वेबसाइट के जरिए टोयोटा डीलरशिप के लिए आवेदन किया। बाद में पता चला कि यह पूरी तरह से फर्जी वेबसाइट थी, जिसके जरिए उनसे भारी रकम ऐंठी गई। इस पर लखनऊ साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। राहुल ने कबूल किया कि वह इलाज के लिए पैसों की जरूरत में गिरोह से जुड़ा। नितीश, अभय, जितेंद्र और एक अन्य आरोपी 'हालो' ने उसके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम मंगवाई और चेकों पर उससे हस्ताक्षर करवाए।

अभियुक्त एलन कोचिंग सेंटर पटना में करता था सफाई का कार्य 

गिरफ्तार अभियुक्त एलन कोचिंग सेन्टर, पटना में सफाई का कार्य करता था । कुछ दिन पूर्व पत्नी के इलाज के लिए अस्पताल जाने के दौरान उसकी मुलाकात नितीश नामक युवक से हुई । अभियुक्त ने बताया कि नितीश ने उसे खाते खुलवा कर देने के बदले पैसे देने का आश्वासन दिया, क्योंकि उसे इलाज के लिए पैसों की आवश्यकता थी । तत्पश्चात नितीश ने उसकी मुलाकात अभय एवं जितेन्द्र नामक व्यक्तियों से कराई, जिन्होंने स्वयं को भवानी बीघा, वारिसलीगंज, नवादा (बिहार) निवासी बताया । उक्त लोगों ने अभियुक्त से आधार कार्ड एवं पैन कार्ड लेकर उसे पटना से आदमपुर, नालंदा स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा में ले जाकर खाता खुलवाने हेतु दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। वहाँ एक अन्य व्यक्ति 'हालो' भी मौजूद था । इसके बाद अभियुक्त को पुनः पटना छोड़ दिया गया । कुछ दिनों पश्चात अभियुक्त को पैसों का लालच देकर 5-6 चेकों पर पुनः हस्ताक्षर कराए गए और फिर उसे वापस पटना छोड़ दिया गया ।

गिरोह का अपराध करने का तरीका

कंपनी की फर्जी वेबसाइटें बनाकर उन्हें Google और सोशल मीडिया पर प्रमोट किया जाता था । साइटें असली कंपनियों जैसे Toyota, Zudio, Kalyan Jewellers, McDonald's, बर्गर किंग (Restaurant Brand Asia) जैसी दिखती थीं । फ्रेंचाइजी की चाह रखने वाले लोग Google पर सर्च कर इन फर्जी साइटों पर पहुँचते और वहां डेटा भरते । फिर आरोपियों द्वारा कॉल कर रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी, जीएसटी आदि के नाम पर रकम वसूली जाती थी । पैसे अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में मंगवाए जाते थे तथा उन्हें Withdrawal करके आपस में बाँट लिया जाता था ।

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पुलिस की अपील और सलाह

-किसी भी अज्ञात लिंक या ऐप पर क्लिक न करें ।

-फ्रेंचाइज़ी लेने से पूर्व कंपनी की सत्यता अवश्य जांचें तथा फर्जी ।

-साइबर ठगी होने पर तुरंत इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नं0-1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं ।

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