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Crime News:पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़कर भारत में शरिया थोपने की साजिश रचने वाले दो युवक गिरफ्तार

यूपी एटीएस ने सोशल मीडिया के जरिये देश में कट्टरपंथ और गजवा-ए-हिंद की साजिश रच रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े थे और सोशल मीडिया पर शरिया शासन लागू करने के लिए युवाओं को भड़का रहे थे।

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Shishir Patel
ATS arrest India

साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का मंसूबा रखने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार ।

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लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता । उत्तर प्रदेश एटीएस ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत में गजवा-ए-हिंद और शरिया शासन की साजिश रचने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े कट्टरपंथी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि दोनों युवक ‘रिवाइविंग इस्लाम’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से गैर-मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैला रहे थे और मुस्लिम युवाओं को उकसा कर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश कर रहे थे।एटीएस की जांच में सामने आया है कि उक्त व्हाट्सएप ग्रुप में करीब 400 पाकिस्तानी सदस्य और तीन एडमिन शामिल हैं। इसमें शामिल भारत के नागरिकों की निगरानी करते हुए एटीएस ने अमरोहा जिले के नौगवां सादात थाना क्षेत्र स्थित देहरा गांव निवासी अजमल अली को तीन दिन पहले हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। पूछताछ के दौरान अजमल ने कबूला कि वह इस ग्रुप के अलावा कई अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क्स के माध्यम से पाकिस्तान के नागरिकों से लगातार संपर्क में था।

इनके द्वारा इंस्टाग्राम पर भारत विरोधी विचार साझा किए जाते थे

अजमल ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि वह महाराष्ट्र के थाणे जिले के बदलापुर गांव निवासी डॉ. उसामा नाज शेख से लगातार संवाद में था। इंस्टाग्राम और सिग्नल ऐप पर दोनों के बीच भारत विरोधी विचार साझा किए जाते थे। डॉ. उसामा को वह अपना ‘मार्गदर्शक’ मानता था और उसी के प्रभाव में आकर भारत में चुनी हुई सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए शरिया कानून लागू करने की योजना बना रहा था।एटीएस ने अजमल की निशानदेही पर महाराष्ट्र एटीएस और थाणे पुलिस की मदद से डॉ. उसामा को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है। दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।एटीएस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर धार्मिक कट्टरता और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की सतत निगरानी के दौरान यह नेटवर्क सामने आया। आरोपी जिस ग्रुप में सक्रिय थे, वहां गजवा-ए-हिंद और शरिया शासन की विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था। इस नेटवर्क में विदेशी फंडिंग और निर्देशों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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Crime Lucknow
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