Advertisment

Rampur News: 100 किताबों से शुरू होकर 70 हजार किताबों का खजाना समेटे हैं सौलत लाइब्रेरी, शताब्दी वर्ष के करीब

रामपुर में रजा लाइब्रेरी को सब जानते हैं, लेकिन इसी के समतुल्य एक लाइब्रेरी है, जिसे सौलत लाइब्रेरी कहते हैं। इमारत भले ही इसकी गजब की न हो लेकिन किताबी खजाना कहीं से कम नहीं है।

author-image
Akhilesh Sharma
रामपुर

Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

रामपुर, वाईबीएन संवाददाता। उत्तर प्रदेश के रामपुर शहर में सौलत पब्लिक लाइब्रेरी 100 किताबों के कलेक्शन से शुरू होकर 70 हजार किताबी खजाने को समेटे है। 800 पांडुलिपियां भी यहां सहेजी गई हैं। 21 सिंतबर 1934 में इसकी शुरूआत हुई थी। 91 साल पुरानी यह लाइब्रेरी शताब्दी वर्ष मनाने की ओर है। आधुनिकीकरण के लिए तमाम प्रयास चल रहे हैं। लाइब्रेरी के अध्यक्ष डा. महमूद अली खां पेशे से डाक्टर हैं, लेकिन फिर भी उनका साहित्यक प्रेम लाइब्रेरी को ऊंचाइयों पर लेकर जा रहा है। 

रामपुर
सौलत लाइब्रेरी Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)

उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में वैसे तो रियासत कालीन रजा पुस्तकालय है। इसकी आधारशिला स्वयं नवाबों ने की और अंतिम नवाब रजा अली खां ने इसे दुनियाभर के खास पुस्तकालयों के मुकाम तक पहुंचाया। लेकिन इसी के समतुल्य एक पुस्तकालय और है जिसे रामपुर के बड़े अमीरों में गिने जाने वाले सौलत खां ने अपने 100 किताबों के कलेक्शन से 21 सितंबर 1934 को शुरू किया। आज इस किताब घर में 70,000 पुस्तकें मौजूद हैं। इस पुस्तकालय की शुरुआत से खुश होकर नवाब रजा अली खां ने निशुल्क जमीन दी। बीच में कुछ बुरे दिनों को छोड़ दें तो आज यह पुस्तकालय डाक्टर महमूद अली खां की सदारत में बहुत बदल गया है। पुस्तकालय के किताबी खजाने को डिजीटल करने के प्रयास हो रहे हैं। वेबसाइट बनाई गई है। कैटालाग तैयार हो रहा है। जर्जर इमारत को सुधारा गया है। 21 सितंबर को स्थापना दिवस के कार्यक्रम आयोजित होंगे। 31अगस्त से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। डाक्टर महमूद अली खान कहते हैं हमारे पास इमारत रजा पुस्तकालय जैसी नहीं है, बाकी किताबों और पांडुलिपियों में वहां से कमतर नहीं हैं। आगामी वर्षों पुस्तकालय को आधुनिकीकरण की ओर ले जाने का कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार से साल में सिर्फ 5000 रुपए की मदद मिलती है। यह भी हास्यास्पद बात है। लाइब्रेरी के लाइफ टाइम मेंबर शाहिद जमाली कहते हैं कि सुधार हो रहे हैं, इससे अब लाइब्रेरी की स्थिति अच्छी होती रहेगी।

रामपुर
लाइब्रेरियन से बातचीत Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)

सिर्फ दुकानों के किराए से चलते हैं खर्चे

Advertisment

सौलत लाइब्रेरी के खर्चे सिर्फ दुकानों के किराए से चलते हैं। सदस्यता शुल्क न्यूनतम रखा गया है, ताकि गरीब बच्चे भी इसका फायदा उठा सकें। सरकारी इमदाद ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। सरकार चाहे तो 5000 सालाना के फंड को बढ़ाकर पांच लाख कर सकती है। लेकिन किसी नेता ने आज तक पैरवी नहीं की। जब बिल्डिंग जर्जर थी तब तमाम पांडुलिपियां नष्ट हो गईं थीं। लेकिन जब से डा. महमूद अली खां अध्यक्ष बने हैं, उन्होंने किताबी खजाने को संरक्षित कराने में बहुत सहयोग दिया है। 

रामपुर
सौलत लाइब्रेरी के अध्यक्ष डा. महमूद अली खान से बातचीत। Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)

31 से 21 सितंबर तक होंगे कार्यक्रम

सौलत लाइब्रेरी के अध्यक्ष डा. महमूद अली खां कहते हैं कि 31 अगस्त से स्थापना दिवस के कार्यक्रम शुरू होंगे और 21 सितंबर तक चलेंगे। नात प्रतियोगिता के अलावा प्रदर्शनी और कई सामाजिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें स्कूलों और मदरसे के बच्चों को बुलाया जाएगा। कहते हैं कि लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। बजट की समस्या आड़े आती है, जिसे मिल बैठकर कुछ कराएंगे। 

Advertisment
रामपुर
बोले लाइब्रेरी के आजीवन सदस्य शाहिद खां जमाली। Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)

यह भी पढ़ेंः-

Rampur News: श्री गणपति पंडाल में विश्व शांति के लिए किया यज्ञ, अटूट भंडारे में उमड़े श्रद्धालु, गणपति बप्पा के गूंंजे जयकारे

Rampur News: नवागत सीएमएस ब्रजेश चंद्र सक्सेना ने जिला चिकित्सालय रामपुर में कार्यभार संभाला

Advertisment

Rampur News: मेजर ध्यान चंद की जयंती पर रजा पीजी कालेज में हुई खेलकूद प्रतियोगिताएं

Rampur News: गजरौला के मैदान में गूंजी खेल भावना : मेरा भारत, रामपुर द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 का भव्य आयोजन

Rampur News: शहर इमाम रहे मुफ्ती महबूब अली सुपुर्दे खाक, किला मैदान में हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई

Advertisment
Advertisment