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ED Action: किसान नेता सुख गिल समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पंजाब में भारतीय किसान यूनियन (टोटेवाल) के अध्यक्ष सुख गिल सहित कई किसान नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एक कथित इमीग्रेशन फ्रॉड से जुड़ी जांच के तहत की गई है।

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Ranjana Sharma
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पंजाब, वाईबीएन डेस्‍क:प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पंजाब में कई किसान नेताओं के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। यह छापेमारी विशेष रूप से भारतीय किसान यूनियन (टोटेवाल) के अध्यक्ष सुख गिल से जुड़ी संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों को लेकर की गई है। हालांकि, अब तक ईडी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस विशेष मामले में की गई है।

कई संगठन सरकार के खिलाफ मुखर हैं

सूत्रों के अनुसार कार्रवाई का दायरा केवल सुख गिल तक सीमित नहीं है। ED ने पंजाब के अन्य किसान नेताओं से जुड़े स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया है। यह छापेमारी ऐसे समय पर हो रही है जब किसान आंदोलन से जुड़े कई संगठन सरकार के खिलाफ मुखर हैं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। सुख गिल जो इस समय BKU (टोटेवाल) के प्रदेश अध्यक्ष हैं, का अतीत काफी दिलचस्प और विविध रहा है। मोगा जिले के टोटा सिंह वाला गांव के निवासी गिल लगभग 12 साल पहले एक ऑर्केस्ट्रा में डांसर के रूप में काम करते थे। वे शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में प्रस्तुति देते थे। इसके अलावा उन्होंने कम बजट की कई पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है।

45 लाख रुपये की ठगी का आरोप

साल 2016 में उन्होंने मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्थानीय टीवी चैनलों व वेब मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए राजनेताओं के इंटरव्यू लेने लगे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारिता के जरिए स्थानीय राजनीति में पहचान बनानी शुरू की और बाद में शिरोमणि अकाली दल की मोगा यूनिट में एक पदाधिकारी भी बने। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुख गिल के खिलाफ यह कार्रवाई एक इमीग्रेशन फ्रॉड केस से जुड़ी बताई जा रही है। शिकायतकर्ता जसविंदर सिंह नामक 21 वर्षीय युवक का आरोप है कि उसके साथ 45 लाख रुपये की ठगी की गई। जसविंदर सिंह उन 127 लोगों में शामिल है जिन्हें हाल ही में अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है। शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस पहले ही सुख गिल के खिलाफ एक केस दर्ज कर चुकी है। अब प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की एंगल से जांच कर रही है, जिससे यह समझा जा रहा है कि यह केस अब अंतरराष्ट्रीय ठगी और फंड ट्रांसफर से जुड़ा हो सकता है।

अब आगे क्या?

ईडी की यह कार्रवाई किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा सकती है। हालांकि, फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से कोई राजनीतिक बयान नहीं आया है और यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत बताई जा रही है।

ED
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