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PM MODI के जन्मदिन पर रक्तदान करते भाजपा कार्यकर्ता Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)
शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता। भारत माता की आजादी के लिए तीन अमर सपूतों को स्वतंत्रता के महायज्ञ में आहुत करने वाली बलिदानियों की माटी अंगदान, रक्तदान व देहदान में भी मानवता और त्याग की अद्भुत मिसालें पेश कर रहा है। अब तक कई महान आत्माओं कीओर सेदेहदान संकल्प लिया जा चुका है। जीवित अंगदान और रक्तदानमें जिले के कई नागरिक समाज को नई दिशा दे रहे हैं। राज्य मेडिकलकॉलेज भी इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए देहदान पंजीकरण को बढ़ावा दे रहा है। नेत्रदान के लिए भी लोग बडी संख्या में संकल्प पत्र भर रहे हैं।
ग्रुप कैप्टन प्रमोद कुमार गुप्ता का देहदान संकल्प
वायुसेना से सेवानिवृत्त समाजसेवी ग्रुप कैप्टन प्रमोद कुमार गुप्ता ने देहदान का संकल्प लेकर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण रखा है। वे वर्षों से लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं और अब मृत्यु उपरांत अपना शरीर चिकित्सा अनुसंधान हेतु समर्पित करने का निर्णय लेकर जनसेवा की अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वह कई बार रक्तदान भी कर चुके हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद के लेखा अधिकारी पीपी सिंह ने भी देहदान का संकल्प पत्र भरा
बेसिक शिक्षा परिषद के सेवानविृत्तलेखाधिकारीतथा वायुसेना के सेवानिवृत्त सारजेंटपीपी सिंह ने भी देहदान और अंगदान दोनों के लिए पंजीकरण कराया है। उनका मानना है कि मृत्यु के बाद भी शरीर और अंग समाज के काम आने चाहिए। उनका यह कदम जिले में अंगदान जागरूकता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा रहा है।
पूर्व विधायक स्वर्गीय कोविद सिंह के लिए बहन ने दिया था गुर्दा
शाहजहांपुर के पूर्व विधायक स्वर्गीय कोविद सिंह को पूरा जिला जानता होगा। उनकी सगी बहन ने गुर्दा दान कर परिवार की अनूठी मिसाल पेश की थी। बहन के त्याग ने उन्हें नया जीवन दिया, हालांकि स्वास्थ्य कारणों से उनका बाद में निधन हो गया। यह उदाहरण आज भी जिले में अंगदान की प्रेरणा का आधार माना जाता है।
शिक्षिका ने भाई की जान बचाने के लिए की किडनी दान
डॉ. सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर इंटरकॉलेज की शिक्षिका किरना सक्सेना ने अपने इकलौते भाई को बचाने के लिए किडनी दान की। दोनों भाई-बहन आज एक ही किडनी के सहारे स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। यह कहानी अंगदान से मानवीय बंधन के मजबूत होने का अत्यंत प्रेरक उदाहरण है।
रक्तदान में शाहजहांपुर, प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल
जिले में रक्तदान एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के भतीजे समाजसेवी चंद्रशेखर खन्ना 'धीरू भैया' अब तक 25 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं ।अब उन्होंनें तीन माह के अंतराल पर रक्तदान करने का संकल्प लिया है।
मोनिशभगत सिंह, लायंसक्लब के पूर्व डिस्ट्रिक्टगवर्नर संजय चोपड़ा समेत अन्य रक्तदाता लगातार ज़रूरतमंदों की सहायता कर रहे हैं। रक्तदान की इस परंपरा ने जिले को उत्तर प्रदेश में अग्रणी स्थान दिलाया है।
मेडिकल कालेज में देहदान के लिए बढ़ रही जागरूकता
राजकीय मेडिकल कालेज, शाहजहांपुर में देहदानके लिए कई नागरिकों ने आवेदन किया है, जिसे चिकित्सा शिक्षा के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।अब तक देहदान का कोई औपचारिक मामला सामने नहीं आया है, लेकिन मेडिकलकॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में शाहजहांपुर से पहला देहदान अवश्य होगा।
सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बढ़ता कदम
राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर जिले में विविध जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर अभियान और संकल्प समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। नागरिकों की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि शाहजहांपुर अंगदान और देहदान दोनों में आने वाले वर्षों में प्रदेश का अग्रणी जिला बन सकता है।
शाहजहांपुर बना प्रेरणा का केंद्र
राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर शाहजहांपुर में प्रतिवर्ष अनोखी पहल की जाती है। सबसे प्रमुख कार्य होता है देहदान व अंगदात्र को संकल्प पत्र भरवाना।मेडिकल कालेज में विशेष आयोजन किया जाता है। त्याग और सेवा से जनपद एक नई कहानी की ओर चल रहा है। यहां जैविक दानियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है। जो कि प्रशंसनीय, सराहनीय व अनुकरणीय है।
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