/young-bharat-news/media/media_files/2025/11/27/demonstration-of-brahmin-community-2025-11-27-18-22-25.jpeg)
मध्यप्रदेश के आइएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ FIR और बर्खास्तगी की मांग को लेकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते ब्राहमण सभा के पदाधिकारी Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)
शाहजहांपुर वाईबीएन नेटवर्क। ब्राह्मण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश के एक आईएएस अधिकारी पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया। समाज के लोगों का कहना था कि टिप्पणी न केवल समाज की महिलाओं के प्रति अपमानजनक थी, बल्कि सामाजिक सौहार्द को तोड़ने वाली है। इसी आधार पर समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
मानसिक जांच कराई जाए बर्खास्तगी की मांग
प्रदर्शन में शामिल समाजसेवक हरिशरण वाजपेयी ने कहा कि इतने बड़े प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा ऐसी अशोभनीय टिप्पणी करना उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने कभी किसी अन्य वर्ग पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी कर सामाजिक तनाव पैदा नहीं किया। वाजपेयी ने सरकार से मांग की कि अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर उनकी मानसिक जांच कराई जाए, साथ ही ब्राह्मण समाज का अपमान करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पागलखाने भेजो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की मांग
अधिवक्ता राजेश अवस्थी ने अधिकारी को ‘पागल’ बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को प्रशासनिक सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपी अधिकारी ने न सिर्फ समाज की बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया, जो राष्ट्रविरोधी कृत्य है। अवस्थी ने एफआईआर दर्ज करने, रासुका लगाने और भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो समाज कानून अपने हाथ में लेने के लिए मजबूर होगा।
ब्राह्मणों को निशाना बनाना परंपरा बन गई
डॉ. विजय पाठक ने कहा कि समय-समय पर ब्राह्मण समाज को इसी प्रकार निशाना बनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा से देश में एकता और मेलजोल का प्रतीक रहा है, मगर इसके बावजूद इसे अपमानित करने की कोशिशें होती रहती हैं। डॉ. पाठक ने सरकार से मांग की कि ऐसे अधिकारी को तुरंत पदमुक्त कर उदाहरण प्रस्तुत किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी अधिकारी या व्यक्ति समाज विशेष की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
सरकार से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश सरकार, भारत सरकार और राष्ट्रपति से आग्रह किया कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ कठोर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन चेतावनियों से स्पष्ट था कि समाज अब इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
यह भी पढ़ें
राष्ट्रीय जंबूरी में राष्ट्रभक्ति की गूंज शाहजहांपुर की स्काउट गाइड टीम ने जीता दिल
दिल्ली से आए प्रेमी युगल ने शाहजहांपुर में की शादी, युवक के परिवार ने किया हंगामा
/young-bharat-news/media/agency_attachments/2024/12/20/2024-12-20t064021612z-ybn-logo-young-bharat.jpeg)
Follow Us
/young-bharat-news/media/media_files/2025/04/11/dXXHxMv9gnrpRAb9ouRk.jpg)