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राज्यमंत्री बलदेव औलख को दुखड़ा सुनाते दुकानदार। Photograph: (वाईबीएन नेटवर्क)
रामपुर, वाईबीएन नेटवर्क। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में आजकल छोटे कारोबारियों के लिए कारोबार करना आफत बन गया है। नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग तो कही रामपुर विकास प्राधिकरण या फिर अन्य संस्थाएं वर्षों पहले किए गए कब्जे हटवाने के लिए चंद घंटे पहले नोटिस जारी करके बुलडोजर चलवाए जा रही हैं। अभी तक सैकड़ों दुकानों को तोड़ा जा चुका है। हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ चुका है। एक बार फिर रामपुर विकास प्राधिकरण ने अब आंबेडकर पार्क से लेकर फोटो चुंगी तक के दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। करीब 165 दुकानदारों को नोटिस मिले हैं। इससे करीब 900 परिवारों के सामने रोजी-रोटी पर संकट गहरा सकता है।
आंबेडकर पार्च से लेकर फोटो चुंगी तक करीब 165 दुकानदार हैं। इन सभी को रामपुर विकास प्राधिकरण के सचिव की ओर से नोटिस भेजे गए हैं। एक दिन पहले भेजे गए नोटिस में 25 अगस्त 2025 तक जवाब मांगा गया है। कहा गया है कि प्राधिकरण और नगर पालिका की जमीन पर अतिक्रमण करके या बिना मानचित्र पास कराए अवैध निर्माण किया गया है। इस संबंध 25 अगस्त तक जमीन के कागजात और मानचित्र मांगा गया है। नोटि मिलते ही दुकानदारों में खलबली मच गई है। इस स्थान पर अधिकांश वे दुकानदार हैं जोकि आटो मैकेनिक या आटो कारोबारी हैं। जोकि दैनिक मजदूरी की तरह कार्य करते हैं। अगर यह दुकानें टूटीं तो करीब 900 परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट आ सकता है। यह जानकारी दुकानदारों ने अधिकारियों और राज्यमंत्री बलदेव औलख से मिलकर कही है। बलदेव औलख ने इस संबंध में जिला प्रशासन से बात करने का आश्वासन दिया है।
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लाल निशान लगने के बाद भी जिला सहकारी बैंक साइड की दुकानें क्यों नहीं टूटीं
जिला सहकारी बैंक के मुख्यद्वार साइड की दुकानों पर करीब पांच फिट तक तोड़ने का लाल निशान लगाया गया था। लेकिन लाल निशान लगने के बाद यह दुकानें नहीं टूटी। इन्हीं दुकानों में हाल ही में अजंता स्वीट्स की फ्रेंचाइजी खुली है। लाल निशान लगे होने के बाद भी विधायक आकाश सक्सेना और राज्यमंत्री बलदेव औलख अजंता स्वीट्स के शुभारंभ के दौरान पहुंचे। इस साइड की दुकानें नहीं टूटने से शहर में आज भी चर्चा का विषय है, आखिर किसकी सिफारिश से इन दुकानों को नहीं तोड़ा जा सका है।
टांडा-बादली, लालपुर, पटवाई में भी टूटनी हैं दुकानें
प्रशासन की कार्रवाई अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। टांडा बादली में करीब 1200 दुकानें टूटने के कगार पर हैं। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग इन्हें तोड़ने के लिए अभी दिन तय नहीं कर सका है। इसी तरह से लालपुर में भी दुकानें ध्वस्त की जानी हैं। पटवाई में भी दुकानदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
सौंदर्यकरण ईमानदारी से हो तो बदलेगा जिले का नक्शा
जहां जहां अतिक्रमण हट रहा है, उस स्थान पर सौंदर्यकरण अगर ईमानदारी से हो जाए तो जिले का नक्शा बदल जाएगा। कुछ स्थानों पर हटाए गए अतिक्रमण के बाद सौंदर्यकरण का काम तो चल रहा है, अगर यह पूरी तरह से हो जाए तो शहर में बदलाव दिखाई देगा। लेकिन नये स्थान पर सौंदर्यकरण से पहले कई ऐसे पुराने स्थान हैं जहां सुधार की जरूरत है। जैसे अधूरी पड़ी जेल के स्थान का सदुपयोग किया जाए। स्टार चौराहे से एकता तिराहे तक बनी डिवाइडर रोड का खस्ता हालत, टूटे डिबाइडर और साइड पटरी बांध पर मार्निंग वाक या ईवनिंग वाक करने वालों को बना रास्ता ठीक किया जाए। टूटी बेंचे सही कराई जाएं। लेकिन इस पर किसी का ध्यान नही है।
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